जेल में बंदियों की समस्याओं को लेकर गंभीर दिखे सचिव, मंडल कारा का किया औचक निरीक्षण।

Dharmendra Kumar
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शेखपुरा। न्याय व्यवस्था को अधिक सशक्त और मानवीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेखपुरा के सचिव श्री सुशील प्रसाद ने सोमवार को मंडल कारा शेखपुरा का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कारा परिसर के विभिन्न वार्डों, रसोईघर, चिकित्सीय कक्ष तथा साफ-सफाई की व्यवस्था का जायजा लिया।
कारा उपाधीक्षक ने सचिव को जानकारी देते हुए बताया कि मंडल कारा की कुल क्षमता 396 बंदियों की है, जबकि वर्तमान में यहां 289 बंदी निरुद्ध हैं। क्षमता से कम बंदी होने के बावजूद सचिव ने व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने का स्पष्ट निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान सचिव सुशील प्रसाद ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जेल में कोई भी ऐसा बंदी न रहे जिसके पास अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध न हो। उन्होंने कारा प्रशासन को निर्देश दिया कि प्रत्येक बंदी को विधिक सहायता सुनिश्चित की जाए तथा जिन्हें अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाए।
सचिव ने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को भी सुना और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान देते हुए कहा कि प्रतिदिन नियमित रूप से स्वच्छता अभियान चलाया जाए, ताकि बंदियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सके।निरीक्षण के अंत में सचिव ने कारा प्रशासन को यह भी निर्देशित किया कि बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस औचक निरीक्षण को लेकर जेल प्रशासन में दिनभर हलचल बनी रही। निरीक्षण के बाद यह संदेश स्पष्ट रूप से गया कि विधिक सेवा प्राधिकार बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सजग है।

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